(5) कनकौए का साग और बाजरे की रोटी!
पंकज खन्ना 9424810575 पिछले ब्लॉग पोस्ट: (1) तवा भाजी-परिचय (2) पोई, पोई ! (3) गुडरी की भाजी, राजा का भोज (4) नवरतन भाजी या सीता भाजी ? आज आपके भियाओ बनाने वाले हैं कनकौआ का साग। बाजरे की रोटी बनाने का हक तो सिर्फ श्रीमतीजी ही रखती हैं। आगे बताएंगे ऐसा क्यों। सबसे पहले कनकौआ की फोटो देख लीजिए। (ये पत्तियां आपके चेहरे का तेज देखकर नहीं चमक रही हैं। फोटो बारिश में ली गई है, बुद्धू! बताना ये था कि देखो कैसे पथरीली जमीन में से भी कनकौआ उग जाता है आराम से।) कनकौआ के अन्य नाम हैं: Commelina benghalensis, Benghal dayflower, Tropical Spiderwort, Wandering Jew, कनशीरा, कांचरा आदि। (कनकौआ की छवि फूलों के साथ।) कनकौए में विटामिन B2, B3, और C पाए जाते हैं। इसके अलावा कनकौए में कॉपर, आयरन, फास्फोरस,पोटैशियम,सोडियम और जिंक जैसे मिनरल भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। कनकौए के फ़ूल नीले या बैंगनी रंग के होते हैं और बहुत सुंदर होते हैं। ऊपर वाली पहली फोटो देखी-देखी लग रही है ना...