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Showing posts from July, 2025

(4) नवरतन भाजी या सीता भाजी!?

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पंकज खन्ना 9424810575 पिछले ब्लॉग पोस्ट:  (1)  तवा भाजी-परिचय (2)  पोई, पोई ! (3) गुडरी की भाजी, राजा का भोज पिछले दो लेखों के बाद प्रश्नों की बौछार झेल रहे हैं। पहले एक बड़े प्रश्न से निपट लें, फिर खेलेंगे भाजी-भाजी, तवाभाजी। उज्जैन वाली जिज्जी की बातें पढ़कर  बहुत लोग पूछ रहे हैं ये 'डामिस' क्या होता है। आज पहले इसी प्रश्न के उत्तर  को समझ लेते हैं। डामिस लगभग लुप्तप्राय शब्द है। बिल्कुल हमारी लुप्तप्राय सब्जियों के समान। सत्तर और अस्सी के दशक में मालवांचल में 'डामिस' शब्द काफी बोला जाता था। वैसे सभी पीढियों के लोग इसे प्रयोग में लाते थे। लेकिन रिटायर्ड दादाजी लोग ही इसे ज्यादा बोला करते थे। हमारे बचपन वाले मोहल्ले के दादाजी एक अलग ही प्रजाति के होते थे। अक्सर घरों के ओटलों पर ग्रुप में पाए जाते थे। थोड़ा सा पोपला मुंह, सर पर टोपी, हाथ में छड़ी, मुंह में बीड़ी, खादी की पेंट, पेंट की  जेब में चूने और तंबाखू की दोमुंही डिब्बी, पैर में सैंडल या चप्पल, सर्वत्र आयोडेक्स की सुगंध, कभी-कभी गले में टाई भी। स्कूटर नहीं बिस्कुटर, स्कूल नहीं बिस्कुल बोला करते थे। सब...

(3) गुडरी की भाजी, राजा का भोज!

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पंकज खन्ना 9424810575 पिछले ब्लॉग पोस्ट:  (1) तवा भाजी-परिचय (2) पोई, पोई ! आप फिर आ गए! मतलब  पोई   पसंद आई! धन्यवाद! स्वागतम!!😊💐🙏 पूरा विश्वास था कि मेरे करण-अर्जुन (चटोरे-चटोरी) आयेंगे। जरूर आयेंगे!  पोई  के बाद गुडरी का साग भी खाएंगे! हमारे समान मरभुक्खे जो हैं!  तो फिर आज अच्छे से बनाते हैं  गुडरी का साग आप जैसे  गुदड़ी के लालों और लालियों  के लिए! गुदड़ी के लाल का मतलब होता है: साधारण गरीब घर में जन्मा गुणवान व्यक्ति। गुडरी की भाजी भी ऐसे ही  दिखने में साधारण, पर गुणों से भरपूर होती है। दरअसल, गुडरी की भाजी ही गुदड़ी का लाल है। और देखिए, गुडरी और गुदड़ी दोनों की स्पेलिंग भी एक ही है: Gudri!  और एक अंदर की बात बताऊं!? इस औषधि संपन्न सब्जी गुडरी को मंगलवार को मंतर (मंत्र) मारकर  खाने से पति या पत्नी का वशीकरण भी किया जा सकता है!  (दशकों पहले  मोहल्ले के घड़ीसाज मुक्का मामू ने  मावस की एक रात  मोमबत्ती की मद्धिम रोशनी में, महूए की मदहोशी में, ये महती माहिती मोहल्ले के कुंआरे छोरों को दी थी।) वश...